“इंस्टाग्राम पर हथियारों की तस्करी का खुलासा, नोएडा में 3 आरोपी गिरफ्तार”
Arms Trafficking Racket Exposed on Instagram
Arms Trafficking Racket Exposed on Instagram, सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) का दुरुपयोग कर अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक गिरोह का नोएडा के फेज-1 थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके पास से 11 अवैध हथियार भी बरामद किए हैं.
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह के मुताबिक पुलिस को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के जरिए इस गिरोह की जानकारी मिली थी. इसके बाद टीम ने सेक्टर 14 स्थित गंदे नाले की पुलिया के पास छापेमारी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिषेक और समीर के रूप में हुई है, जबकि तीसरा आरोपी नाबालिग बताया गया है.
11 अवैध हथियार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 11 अवैध हथियार बरामद किए हैं. इनमें 5 पिस्टल (.32 बोर), 5 देसी तमंचे (.315 बोर) और 1 देसी तमंचा (.32 बोर) शामिल हैं. बरामदगी के बाद पुलिस ने हथियारों को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है.
शौक बना कमाई का जरिया
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्हें अवैध हथियार रखने और दिखाने का शौक था. वे अपने दोस्तों और आसपास के युवाओं के बीच इन हथियारों का प्रदर्शन कर रौब जमाते थे. धीरे-लेकिन, धीरे उन्होंने इसे कमाई का साधन बना लिया और अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त शुरू कर दी.
कौड़ियों के भांव खरीदकर करते थे मोटी कमाई
पुलिस के अनुसार, आरोपी अवैध पिस्टल 40 से 45 हजार रुपये में खरीदते थे और 65 से 75 हजार रुपये तक में बेचते थे. वहीं, देसी तमंचे 4 से 5 हजार रुपये में खरीदकर करीब 10 हजार रुपये में बेचे जाते थे. इस तरह वे कम समय में अच्छा मुनाफा कमा रहे थे.
इंस्टाग्राम के जरिए बनाते थे ग्राहक
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ग्राहकों से संपर्क करने के लिए इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करते थे. वे सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को अवैध हथियार उपलब्ध कराने का ऑफर देते थे. इच्छुक लोग उनसे संपर्क करते और फिर उन्हें हथियार उपलब्ध करा दिए जाते थे. इस तरह यह पूरा नेटवर्क ऑनलाइन संचालित हो रहा था.
इस पूरे मामले पर नोएडा एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और हथियारों की सप्लाई कहां से हो रही थी.